pH स्केल (pH Scale)
pH स्केल किसी विलयन की अम्लीय (Acidic) या क्षारीय (Basic) प्रकृति को दर्शाता है।
pH का मान 0 से 14 तक होता है।
pH = 7 → उदासीन (Neutral)
pH < 7 → अम्लीय (Acidic)
pH > 7 → क्षारीय (Basic)
pH स्केल का महत्व
- मानव रक्त का pH लगभग 7.4 होता है।
- शुद्ध जल का pH 7 होता है।
- नींबू के रस का pH लगभग 2 होता है।
- साबुन के घोल का pH लगभग 9–10 होता है।
pH का दैनिक जीवन में महत्व
1. पाचन तंत्र में
हमारे पेट में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) होता है, जिसका pH लगभग 1.5–3.5 होता है। जो भोजन के पाचन में सहायता करता है। यदि इसकी मात्रा अधिक हो जाए तो अम्लता (Acidity) हो जाती है। इससे राहत पाने के लिए एंटासिड (जैसे मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड) का उपयोग किया जाता है।
यह अम्ल:
- भोजन को पचाने में मदद करता है।
- हानिकारक जीवाणुओं (Bacteria) को नष्ट करता है।
- पाचन एंजाइमों को सही ढंग से काम करने में सहायता करता है।
उदाहरण :- जब हम भोजन करते हैं, तो हमारा पेट (आमाशय) बिना किसी नुकसान के भोजन के पाचन के लिए हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) का स्राव करता है। लेकिन अधिक तला-भुना या मसालेदार खाना खाने से पेट में अत्यधिक अम्ल बनने लगता है, जिसे हम अम्लता (Acidity) कहते हैं। इससे राहत पाने के लिए मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड यानी मिल्क ऑफ मैग्नीशिया जैसे दुर्बल क्षारक (एंटासिड) का उपयोग किया जाता है।
2. दाँतों की सुरक्षा
हमारे शरीर का सबसे कठोर पदार्थ दाँतों का इनेमल होता है। जब हम मीठे खाद्य पदार्थ खाते हैं, तो मुँह में मौजूद जीवाणु (Bacteria) शर्करा का अपघटन करके अम्ल बनाते हैं। मुँह का pH 5.5 से कम होने पर इनेमल का क्षरण होने लगता है।
बचाव: क्षारीय प्रकृति वाले टूथपेस्ट का प्रयोग करें, जो मुँह के अतिरिक्त अम्ल को उदासीन कर देता है।
3. मिट्टी का pH
मिट्टी का pH यह बताता है कि मिट्टी अम्लीय (Acidic), क्षारीय (Basic) या उदासीन (Neutral) है। अधिकांश फसलें pH 6.5 से 7.5 वाली मिट्टी में सबसे अच्छी बढ़ती हैं।
फसलें अच्छी तरह उगने के लिए मिट्टी का pH उचित होना चाहिए। यदि मिट्टी बहुत अम्लीय या बहुत क्षारीय हो जाए, तो पौधों की वृद्धि अच्छी नहीं होती।
मिट्टी का pH कैसे ठीक किया जाता है?
यदि मिट्टी अम्लीय (Acidic) हो, तो उसमें बुझा हुआ चूना (Slaked Lime) – Ca(OH)₂ या क्विक लाइम (CaO) मिलाया जाता है।
यदि मिट्टी क्षारीय (Basic) हो, तो उसमें जैविक खाद (Organic Manure/Compost) मिलाई जाती है, जिससे मिट्टी का pH संतुलित होता है।
उदासीनीकरण अभिक्रिया (Neutralisation Reaction)
जब अम्ल (Acid) और क्षार (Base) आपस में अभिक्रिया करते हैं, तो वे एक-दूसरे के प्रभाव को समाप्त कर देते हैं। इस अभिक्रिया में लवण (Salt) और जल (Water) बनते हैं। इसे उदासीनीकरण अभिक्रिया कहते हैं।
सामान्य सूत्र:-
अम्ल + क्षार → लवण + जल
उदाहरण :-
HCl + NaOH → NaCl + H₂O
HCl = हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
NaOH = सोडियम हाइड्रॉक्साइड (क्षार)
NaCl = सोडियम क्लोराइड (लवण)
H₂O = जल
दैनिक जीवन का उदाहरण :-
पेट में अधिक अम्ल बनने पर डॉक्टर एंटासिड (Antacid) देते हैं। एंटासिड एक क्षार होता है, जो अतिरिक्त अम्ल को उदासीन कर देता है और जलन से राहत मिलती है।
लवण (Salts)
लवण (Salt) वह पदार्थ है, जो अम्ल (Acid) और क्षार (Base) की अभिक्रिया से बनता है।
अम्ल + क्षार → लवण + जल
उदाहरण:- HCl + NaOH → NaCl + H₂O
लवण के उदाहरण
सोडियम क्लोराइड (NaCl) – खाने का नमक
सोडियम बाइकार्बोनेट (NaHCO₃) – बेकिंग सोडा
सोडियम कार्बोनेट (Na₂CO₃) – धुलाई सोडा
कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड (CaOCl₂) – विरंजक चूर्ण (Bleaching Powder)
कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट (CaSO₄·½H₂O) – प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP)
लवणों की मुख्य विशेषताएँ:
गलनांक एवं क्वथनांक: आयनिक प्रकृति के कारण इनका गलनांक उच्च होता है।
विद्युत चालकता: जलीय विलयन या गालित अवस्था में ये विद्युत के सुचालक होते हैं।
क्रिस्टलन का जल: कई लवणों के एक सूत्र इकाई में जल के निश्चित अणु जुड़े होते हैं |
सामान्य नमक (Common Salt)
रासायनिक नाम: सोडियम क्लोराइड (NaCl)
उपयोग
भोजन में स्वाद के लिए
खाद्य पदार्थों के संरक्षण में
रसायनों के निर्माण में
खाने का सोडा (Baking Soda)
खाने का सोडा (Baking Soda) का रासायनिक नाम सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट (Sodium Hydrogen Carbonate) है।
रासायनिक सूत्र: NaHCO₃
खाने का सोडा कैसे बनाया जाता है ?
खाने का सोडा सामान्य नमक (NaCl) से सॉल्वे विधि (Solvay Process) द्वारा बनाया जाता है।
खाने के सोडे के गुण:-
- यह सफेद रंग का महीन चूर्ण होता है।
- इसकी प्रकृति क्षारीय (Basic) होती है।
- यह पानी में घुल जाता है।
- गर्म करने पर यह कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) गैस छोड़ता है।
रासायनिक समीकरण:
2NaHCO₃ → Na₂CO₃ + H₂O + CO₂↑
खाने के सोडे के उपयोग
🍞 केक, ब्रेड और बिस्कुट को फुलाने के लिए (बेकिंग पाउडर में)।
💊 एंटासिड के रूप में, पेट की अम्लता (Acidity) कम करने के लिए।
🧯 अग्निशामक (Fire Extinguisher) में CO₂ गैस बनाने के लिए।
धोने का सोडा (Washing Soda)
धोने का सोडा (Washing Soda) का रासायनिक नाम सोडियम कार्बोनेट डेकाहाइड्रेट (Sodium Carbonate Decahydrate) है।
रासायनिक सूत्र: Na₂CO₃·10H₂O
धोने का सोडा कैसे बनाया जाता है ?
धोने का सोडा खाने के सोडे (NaHCO₃) को गर्म करने पर प्राप्त सोडियम कार्बोनेट (Na₂CO₃) में जल मिलाकर बनाया जाता है।
2NaHCO₃ → Na₂CO₃ + H₂O + CO₂↑
Na₂CO₃ + 10H₂O → Na₂CO₃·10H₂O (धोने का सोडा)
धोने के सोडे के गुण:-
- यह सफेद रंग का क्रिस्टलीय ठोस होता है।
- इसकी प्रकृति क्षारीय (Basic) होती है।
- यह पानी में घुल जाता है।
इसमें 10 जल-अणु (10H₂O) होते हैं, इसलिए इसे जलयोजित लवण (Hydrated Salt) कहते हैं।
धोने के सोडे के उपयोग :-
👕 कपड़े धोने में।
💧 कठोर जल (Hard Water) को मृदु (Soft) बनाने में।
🧪 काँच, साबुन और कागज़ बनाने के उद्योगों में।
🧼 घरेलू सफाई के कार्यों में।
ब्लीचिंग पाउडर (Bleaching Powder)
ब्लीचिंग पाउडर (Bleaching Powder) का रासायनिक नाम कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड (Calcium Oxychloride) है।
रासायनिक सूत्र: CaOCl₂
ब्लीचिंग पाउडर कैसे बनाया जाता है ?
जब शुष्क बुझा हुआ चूना [Ca(OH)₂] पर क्लोरीन गैस (Cl₂) प्रवाहित की जाती है, तब ब्लीचिंग पाउडर बनता है।
Ca(OH)₂ + Cl₂ → CaOCl₂ + H₂O
ब्लीचिंग पाउडर के गुण :-
- यह सफेद रंग का चूर्ण होता है।
- इसमें क्लोरीन जैसी तीखी गंध होती है।
- यह एक अच्छा विरंजक (Bleaching Agent) और कीटाणुनाशक (Disinfectant) है।
ब्लीचिंग पाउडर के उपयोग :-
👕 सूती और लिनन के कपड़ों को सफेद करने में।
🏭 कागज़ और वस्त्र उद्योग में विरंजन (Bleaching) के लिए।
💧 पीने के पानी और स्विमिंग पूल के पानी को कीटाणुरहित करने में।
🦠 कीटाणुओं को नष्ट करने के लिए।
प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP)
प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) का रासायनिक नाम कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट (Calcium Sulphate Hemihydrate) है।
रासायनिक सूत्र: CaSO₄·½H₂O
प्लास्टर ऑफ पेरिस कैसे बनाया जाता है ?
जब जिप्सम (Gypsum) {CaSO₄·2H₂O} को लगभग 373 K (100°C) पर गर्म किया जाता है, तब यह जल के अणु खोकर प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) बन जाता है।
CaSO₄·2H₂O → CaSO₄·½H₂O + 1½H₂O
प्लास्टर ऑफ पेरिस के गुण :-
- यह सफेद रंग का महीन चूर्ण होता है।
- पानी मिलाने पर यह जल्दी कठोर (Hard) हो जाता है।
- कठोर होने पर यह फिर से जिप्सम में बदल जाता है।
CaSO₄·½H₂O + 1½H₂O → CaSO₄·2H₂O
प्लास्टर ऑफ पेरिस के उपयोग :-
🦴 टूटी हुई हड्डियों पर प्लास्टर चढ़ाने में।
🗿 मूर्तियाँ, खिलौने और सजावटी वस्तुएँ बनाने में।
🏠 भवनों की सजावट (False Ceiling) में।
🎨 ब्लैकबोर्ड चॉक और साँचे (Moulds) बनाने में।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रश्न
प्रश्न 1. pH स्केल क्या है?
उत्तर: pH स्केल किसी विलयन की अम्लीय या क्षारीय प्रकृति को दर्शाने वाला पैमाना है, जिसका मान 0 से 14 तक होता है।
प्रश्न 2. उदासीनीकरण अभिक्रिया क्या है?
उत्तर: अम्ल और क्षारक की अभिक्रिया से लवण और जल बनने की अभिक्रिया उदासीनीकरण कहलाती है।
प्रश्न 3. बेकिंग सोडा का रासायनिक नाम क्या है?
उत्तर: सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट (NaHCO₃)
प्रश्न 4. वाशिंग सोडा का रासायनिक सूत्र लिखिए।
उत्तर: Na₂CO₃·10H₂O
प्रश्न 5. ब्लीचिंग पाउडर का एक उपयोग लिखिए।
उत्तर: पीने के पानी को कीटाणुरहित करने में।
प्रश्न 6. POP का पूरा नाम क्या है?
उत्तर: प्लास्टर ऑफ पेरिस (Plaster of Paris)
Chapter Revision (Quick Notes)
pH < 7 → अम्ल
pH = 7 → उदासीन
pH > 7 → क्षारक
HCl + NaOH → NaCl + H₂O (उदासीनीकरण)
Baking Soda → NaHCO₃
Washing Soda → Na₂CO₃·10H₂O
Bleaching Powder → CaOCl₂
POP → CaSO₄·½H₂O
अम्ल, क्षारक एवं लवण (Acids, Bases and Salts)
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